राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग नई दिल्ली की जांच खत्म नाबालिक है पारधी जनजाति समुदाय की बेटी “मोनालिसा”,
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग नई दिल्ली की जांच खत्म नाबालिक है पारधी जनजाति समुदाय की बेटी “मोनालिसा”, मध्य प्रदेश की 'मोनालिसा' मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच के बाद एक चौंकाने वाला मोड़ आया है।अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में, आयोग की सक्रियता और पूर्व न्यायाधीश व NCST सलाहकार श्री प्रकाश उइके के मार्गदर्शन में अधिवक्ता प्रथम दुबे द्वारा की गई कानूनी पैरवी ने यह साबित कर दिया है कि जिस युवती को बालिग बताकर विवाह कराया गया था, वह वास्तव में पारधी जनजाति समुदाय की एक नाबालिग लड़की है। संदिग्ध भूमिका: अधिवक्ता प्रथम दुबे ने इस संवेदनशील मामले को पूरी प्रखरता के साथ आयोग के समक्ष 17 मार्च 2026 को उठाया। श्री प्रकाश उइके के मार्गदर्शन में, श्री दुबे ने अपनी शिकायत में उन कढियों को जोड़ा जो इस विवाह के पीछे के छिपे हुए एजेंडे को उजागर करती हैं: राजनीतिक और PFI कनेक्शन: प्रथम दुबे ने आयोग को अवगत कराया कि इस विवाह में केरल के CPI-M नेताओं की सक्रिय भागीदारी और PFI जैसे संगठनों की संलिप्तता एक गंभीर चिंता का विषय है। * नैरेटिव की साजिश: शिकायत ...