चिंतन और जागरण का संदेश
चिंतन और जागरण का संदेश प्रिय समाज के अविवाहित बेटों एवं बेटियों, E-mail nimadprahari2012@gmail निमाड़ प्रहरी 9977766399 हम सभी जानते हैं कि हमारा समाज संख्यात्मक दृष्टि से छोटा है। विवाह योग्य बेटों की तुलना में बेटियों का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम है। ऐसी स्थिति में यदि हमारी उच्च शिक्षित, संस्कारी एवं योग्य बेटियाँ अन्य समाजों में विवाह कर रही हैं, तो यह केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी चिंतन का विषय बन जाता है। यह समय किसी पर आरोप लगाने का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जागरण का है। बेटों के लिए संदेश समाज के अविवाहित युवाओं से विनम्र निवेदन है कि वे अपने ही समाज की अविवाहित बेटियों के साथ संवाद, परिचय और सकारात्मक मित्रता को बढ़ाएँ। जीवनसाथी का चयन केवल पत्रिका मिलान, आयु का थोड़ा अंतर, कद की ऊँचाई-नीचाई, समान प्रोफेशन या पैकेज की तुलना जैसे बाहरी मापदंडों पर आधारित न हो। जीवन की सफलता विचारों की समानता, संस्कारों की साम्यता और पारिवारिक मूल्यों की एकरूपता से आती है। यदि सोच मिलती हो, लक्ष्य समान हों और संस्कार जुड़े हों, तो वही संबंध स्थायी और सुखदायी बनत...