आदरणीय सोमेश्वर भाई के श्रीजी चरणों में समर्पण का समाचार सुनकर हृदय अत्यंत आहत हुआ किन्तु ठाकुर जी की मर्जी के आगे नतमस्तक होकर सिर्फ इतना ही कहूंगा कि "मृत्यु एक शास्वत सत्य है और शरीर नश्वर है, यह जानते हुए भी हमें अपनों के जाने का दुःख होता है, ऐसे में हमें ईश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए कि वो दिवंगत सोमेश्वर भाई की आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करें"

"मेरे समाजजनों , सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को सोमेश्वर भाई के निधन पर जो हार्दिक दुःख महसूस हो रहा है, उसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है". हांलांकि ये भी सत्य है कि "जिनसे हम प्रेम करते हैं वे हमसे बहुत ज्यादा दूर नहीं जाते; वे हमारे हृदय और स्मृतियों में हमारे साथ-साथ चलते हैं". 


"उनकी क्षति की भरपाई कोई नहीं कर सकता, लेकिन जीवन तो चलता रहता है और किसी के बिना  कुछ रूकता भी नहीं" इसलिए "इस कठिन समय में मेरी गहरी संवेदनाएँ समाज और सामाजिक संगठनों सहित सोमेश्वर भाई के परिवार के साथ हैं". 


"उनकी आत्मा को शांति मिले। मैं उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूँ". । 


*हेमेंद्र गोविन्दजीवाला* अधिवक्ता 


बुरहानपुर

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