चाइल्ड राइट्स आब्जर्वेटरी ने स्थानीय निकायों और पंचायतों के चुनावों में बच्चों के मुद्दों को उठाया

 चाइल्ड राइटस् आब्जर्वेटरी मध्यप्रदेश 

चाइल्ड राइट्स आब्जर्वेटरी ने स्थानीय निकायों और पंचायतों के चुनावों में बच्चों के मुद्दों को उठाया 

निमाड़ प्रहरी न्यूज़ नेटवर्क

चाइल्ड राइटस् आब्जर्वटरी मध्यप्रदेश ने नगरीय निकायों और पंचायतों के हो रहे चुनावों के लिये एक बाल हितेषी चुनावी एजेण्डा तैयार किया है। वास्तव में यह बच्चों की आवाजें हैं जो संस्था को प्रदेश में फैले अपने नेटवर्क के माध्यम से प्राप्त हुयी  थीं। इसका उद्देश्य बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, जल ,स्वच्छता और हिंसा  अस्वीकार जैसे मुद्दों को सामने लाना है


जिससे कि इन्हें चुनाव में जीतने के बाद क्रियान्यवन  स्तर पर प्राथमिकता मिल सके । चुनावों के लिये यह एजेण्डा बच्चों के साथ एक व्यापक विमर्श में तैयार किया गया था । चाइल्ड राइटस् आब्जर्वेटरी मध्यप्रदेश  इन मुद्दों पर

यूनीसेफ के साथ मिलकर विभिन्न स्तरों पर लगातार पैरवी करती रही है। चुनावों के पहले यह एजेण्डा पंचायतों का चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को पहॅुचाया गया है । भोपाल में इसे मेयर पद के लिये कांग्रेस कीे उम्मीदवार श्रीमती विभा पटेल और भाजपा की उम्मीदवार श्रीमती मालती राय के साथ ही अन्य राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को बच्चों द्वारा सौपा गया है । यह एजेण्डा प्रमुख राजनीतिक

दलों के प्रमुखों, प्रवक्ताओं और विधायकों को भी भेजा गया है । इस पहल के परिणामस्वरुप 300 से ज्यादा उम्मीदवारों ने अपने नाम से वीडियो संदेश जारी किये है

जिनमें कहा गया है कि वे चुने जाने के बाद अपनी पंचायतों को बाल हितेषी बनायेंगे । होशंगाबाद  जिले की ग्राम पंचायत रोहना की निर्विरोध निर्वाचित सरपंच श्रीमती शर्मीला राजपूत ने वादा किया है कि वे ग्राम पंचायत को बच्चों के अनकूल बनायेंगी । इसी प्रकार दतिया जिले की 55 ग्राम पंचायतों के उम्मीदवारों ने बाल हितेषी पंचायत बनाने पर सहमति व्यक्त की है । राजगढ जिले की ग्राम पंचायत चाटूखेड़ा में सरपंच पद के एक उम्मीदवार ने अपने एजेण्डे में बच्चों के अधिकारों के मुद्दो को अपने प्रचार अभियान में शामिल किया और चुनाव के दौरान वितरित परचों में इसे प्रकाशित  किया है। इसी प्रकार खंडवा जिले की निक्की वेलफ़ेयर सोशल सर्विस सोसायटी ने भी बच्चों और युवाओं के साथ ग्रामीण और नगरीय इलाकों में उम्मीदवारों तक बदलाव का यह एजेण्डा पहुँचाया है

 हरदा जिले की ग्राम पंचायत बधवाड़ में चाइल्ड राइटस आब्जर्वेटरी मध्ययप्रदेश के युवा सदस्यों ने गांव में पहुँच कर बच्चों की समस्याएं  जानी और इस संबंध मे एक मांग पत्र तैयार कर चुनाव लड़ रहे सभी उम्मीदवारों को दिया, उम्मीदवारों ने जीतने के बाद इन्हें पूरा करने की बात कही है ।


धार और झाबुआ में भी  यूथ फॉर चिल्ड्रन ने भी यही काम यूनीसेफ और चाइल्ड राइटस् आब्जर्वेटरी के साथ मिलकर उत्साह के साथ किया है और यह सुनिश्चित  किया है कि ग्रामीण क्षेत्रो में शिक्षा, बच्चों के साथ हिंसा और पोषण अंकेक्षण के मुद्दों को प्राथमिकता मिले

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