पाड़ों के इस पारंपरिक युद्ध का लुत्फ उठाने पहुंचे थे। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस


पाड़ों के इस पारंपरिक युद्ध का लुत्फ उठाने पहुंचे थे। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस 

 मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले के शाहपुर में अमरावती नदी के किनारे हर साल दीपावली के दूसरे दिन मेला लगता है।


इसमें पाड़ों की लड़ाई होती है। मध्यप्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र से भी लोग अपने-अपने पाड़े लेकर इस मेले में भाग लेते हैं। आम तौर पर सूखी रहने वाली नदी में इस साल पानी था और पाड़ों ने पानी में उतरकर भी युद्ध किया। 


बड़ी संख्या में लोग पहुंचे तमाशा देखने 

इस साल भी बड़ी संख्या में लोग पाड़ों के इस पारंपरिक युद्ध का लुत्फ उठाने पहुंचे थे। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस ने भी मेले में भाग लेकर स्थानीय लोगों का हौंसला बढ़ाया।


इस दौरान सजे-धजे पाड़ों ने जब एक-दूसरे के खिलाफ हुंकार भरी तो देखने वाले लोग स्तब्ध रह गए। पाड़ों के मालिकों ने भी एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया कि उनका ही पाड़ा जीते। एक पाड़े का नाम पुष्पा जैसा फिल्मी था तो किसी के नाम मुन्ना, राजू और भुरू।  


अनुमति नहीं, फिर भी मूक समर्थन 

आम तौर पर इस मेले को प्रशासनिक अनुमति नहीं दी जाती। इसके बाद भी भीड़ को देखते हुए पुलिस इंतजाम किए गए थे। अमरावती नदी किनारे होने वाली पाड़ों की इस टक्कर को देखने हजारों की संख्या में लोग आते हैं। जीतने वाले पाड़ों के मालिकों को नगद पुरस्कार दिए जाते हैं

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