बारिश आए और मारवाड़ में दाल बाटी ना बने,ऐसा हो ही नही स

 दालबाटी


बारिश आए और मारवाड़ में दाल बाटी ना बने,ऐसा हो ही नही सकता.

देसी घी में डूबी बाटी तेज मसालों वाली दाल वाकई स्वाद के अनुभव को नया अहसास देती है.

आइए आज हम बनाते है दाल-बाटी..



सामग्री बाटी के लिए……….

आटा –चार कप

बेसन –एक कप

घी –एक कप

दही –आधा कप

अजवाइन –एक छोटा चम्मच

नमक –स्वादानुसार

विधि

आटे में दही,बेसन ,घी ,अजवाइन तथा जरूरत के अनुसार पानी डाल कर नरम गूंध लें नींबू के आकार की गोलियाँ बना लें .ढक कर एक घंटे के लिए रख दें गर्म कोयले पर बारी बारी से सुनहरा होने तक सेक ले फिर गर्म घी में डाल कर रखें


सामग्री दाल के लिए………….

मूंग की छिलके वाली दाल –सौ ग्राम

चना दाल –पचास ग्राम

अरहर दाल –पचास ग्राम

उडद दाल –पचास ग्राम

प्याज बारीक़ कटी –एक

टमाटर बारीक़ कटा –एक

हर धनिया –थोडा सा

घी –दो छोटा चम्मच

हल्दी –आधा छोटा चम्मच

गर्म मसाला –आधा छोटा चम्मच

लाल मिर्च –एक बड़ा चम्मच

लहसुन अदरक का पेस्ट –एक छोटा चम्मच

हींग –चुटकी भर

नीबू –एक

विधि

सभी दाले एक साथ उबाल कर रख लें .एक पतीली में दो चम्मच घी डाल कर जीरा,तेज पत्ता और चुटकी भर हींग डालें .प्याज तथा अदरक लहसुन का पेस्ट डाल कर भूरा होने तक भून लें टमाटर डाल कर थोड़ी देर पकाएं .फिर सभी मसाले,दाल तथा नमक डाल कर रस गढा होने तक पकाएं दाल को हरे धनिया से सजाएं नीबू निचोड़ दें (खाते समय गर्म बाटी को दाल में डुबो कर या चूर कर खाएं)

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