पर्यावरण संरक्षण की थीम पर बनी उनकी कलाकृति को मिली विशेष सराहना
शीतल गुप्ता ने चित्रकला प्रतियोगिता में जीता द्वितीय पुरस्कार
पर्यावरण संरक्षण की थीम पर बनी उनकी कलाकृति को मिली विशेष सराहना
निमाड प्रहरी 9977766399
भोपाल। विश्व वेटलैंड्स दिवस के अवसर पर पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (EPCO) द्वारा आयोजित "CONSERVE WETLAND FOR COMMON FUTURE" विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता में शीतल गुप्ता ने अपनी रचनात्मकता और कलात्मक कौशल से द्वितीय पुरस्कार जीता। विद्यालय सीनियर ग्रुप में प्रथम पुरस्कार गुनगुन पांचाल, द्वितीय शीतल गुप्ता, और तृतीय कजिया खान को मिला। इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया था, जिनमें से उनकी कलाकृतियों को विषय-वस्तु की प्रस्तुति और कलात्मक गुणवत्ता के आधार पर चुना गया।
सम्मान समारोह में हुआ भव्य पुरस्कार वितरण
पुरस्कार वितरण समारोह भोपाल स्थित EPCO ऑडिटोरियम में बड़े ही भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत सरकार के पूर्व जॉइंट डायरेक्टर और वायु गुणवत्ता आयोग के सदस्य डॉ. सुजीत कुमार बाजपेई तथा मध्यप्रदेश सरकार के पर्यावरण प्रिंसिपल सेक्रेटरी नवनीत कोठारी ने बच्चों को प्रमाण पत्र और नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
इस दौरान अपने संबोधन में डॉ. सुजीत कुमार बाजपेई ने पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा—
"बच्चों और युवाओं को प्रकृति से जोड़ने के लिए इस तरह की प्रतियोगिताएँ बेहद आवश्यक हैं। कला के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावी तरीके से समाज तक पहुँचाया जा सकता है।"
उन्होंने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि "पर्यावरण संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है, और इस दिशा में कला और रचनात्मकता का भी बड़ा योगदान हो सकता है।"
शीतल गुप्ता—175 से अधिक पुरस्कारों की विजेता
शीतल गुप्ता पहले से ही कला के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी हैं। अब तक उन्होंने 175 से अधिक पुरस्कार अपने नाम किए हैं। उनकी कलाकृतियाँ कई राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में सराही जा चुकी हैं। इस बार भी उन्होंने अपनी अनूठी सोच और रचनात्मकता से निर्णायक मंडल को प्रभावित किया।
शीतल के इस शानदार प्रदर्शन पर उनके परिवार, शिक्षकों और शुभचिंतकों ने गर्व जताया। उनके माता-पिता ने बताया कि "शीतल बचपन से ही कला में रुचि रखती हैं, और उनकी सफलता के पीछे उनकी मेहनत और लगन का बड़ा योगदान है।"
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पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
इस चित्रकला प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी हम पृथ्वी को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बना सकते हैं।
शीतल गुप्ता की यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि अन्य युवा कलाकारों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण साबित होगी।
— विशेष संवाददाता


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