*"स्वच्छता ही सेवा" पखवाड़े में शाहपुर नगर परिषद की ऐतिहासिक पहल – "नमो वन विकास अभियान" और "अमृत हरित महाभियान" के तहत अब तक 3,636 पौधों का भव्य पौधारोपण संपन्न*
भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर साहब एवं अध्यक्ष महोदया के आदेशानुसार "स्वच्छता ही सेवा" पखवाड़ा 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर के अंतर्गत शाहपुर नगर परिषद ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कार्य करते हुए "नमो पार्क/नमो उपवन/नमो वन विकास अभियान" एवं "अमृत हरित महाभियान" के अंतर्गत कुल 3,636 पौधों का सफलतापूर्वक पौधारोपण किया।इन पौधो की जियो टेगिंग भी की गयी हैं,यह अभियान न केवल नगर की हरियाली बढ़ाने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, पर्यावरण और सतत विकास के प्रति जागरूक बनाने का भी प्रयास है।
📍 पौधारोपण स्थल: पूरे नगर को किया गया हरियाली से समृद्ध
पौधारोपण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसे नगर के महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर क्रियान्वित कर एक जनआंदोलन का रूप दिया गया। निम्नलिखित प्रमुख स्थानों पर पौधे लगाए गए:
शीतला माता गार्डन,कालुशाह दरगाह परिसर,नया बस स्टैंड रोड,मेस्को माता अमरावती नदी घाट,ट्रेन्चिंग ग्राउंड,नया मुक्ति धाम, मांग नाला,इच्छापुर–शाहपुर मुख्य मार्ग,वार्ड क्रमांक 5, वन विभाग कार्टर,मुस्लिम स्मशान घाट, अमरावती नदी तट एवं नमो उपवन हेतु चयनित अन्य स्थलों पर इन स्थलों को "नमो उपवन" और "नमो वन" के रूप में विकसित करने की योजना के अंतर्गत चयनित किया गया, जहाँ दीर्घकालिक हरित संरचना विकसित की जाएगी।
🌳 वन विकास की दिशा में चयनित पौधे: प्रकृति से प्रगति की ओर "नमो वन विकास अभियान" के अंतर्गत, ऐसे पौधों का चयन किया गया जो न केवल पर्यावरण के लिए उपयोगी हैं, बल्कि स्थानीय जैव विविधता को भी सशक्त करते हैं। प्रमुख पौधों में शामिल हैं:
करंज – छायादार और नाइट्रोजन युक्त मिट्टी बनाने वाला
कटहल – बहुपरिचित फलदायक वृक्ष
नीम – औषधीय गुणों से भरपूर, वायुमंडल को शुद्ध करने वाला
सीताफल – स्वादिष्ट फल एवं पर्यावरणीय संतुलन में सहायक
आम – भारत का राष्ट्रीय फल और हर मौसम का साथी
गुलमोहर – आकर्षक फूलों से सजे वृक्ष जो सौंदर्यवर्धन करते हैं
अन्य बहुउपयोगी, छायादार एवं स्थानीय जलवायु के अनुकूल प्रजातियाँ
👥 जन-सहभागिता: हर पौधा बना एक सामाजिक संकल्प
"अमृत हरित महाभियान" की आत्मा ही जनसहभागिता है। इस अभियान में नगर के विद्यालयों, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों, धर्मस्थलों, व्यापारी वर्ग एवं आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पौधारोपण के दौरान एक उत्सव जैसा माहौल था, जहाँ बच्चे, बुजुर्ग और युवा – सभी ने पर्यावरण रक्षा का संकल्प लिया।
नगर परिषद ने न केवल पौधारोपण किया, बल्कि ट्री गार्ड, सिंचाई व्यवस्था, एवं पौधों की देखरेख हेतु निगरानी दल का गठन भी किया, ताकि लगाए गए पौधे सुरक्षित रहें और विकसित हो सकें।
🌎 नमो वन विकास: केवल हरियाली नहीं, आत्मनिर्भर भविष्य की बुनियाद
"नमो वन विकास अभियान" और "अमृत हरित महाभियान" के माध्यम से शाहपुर नगर परिषद ने यह स्पष्ट कर दिया कि हरियाली ही विकास है, और स्वच्छता केवल सफाई तक सीमित नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन का अहम हिस्सा है। इस अभियान से शाहपुर नगर को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे जैसे:पर्यावरण प्रदूषण में कमी,तापमान नियंत्रण,वर्षा की संभावना में सुधार,जैव विविधता को बढ़ावा,सौंदर्यीकरण एवं मानसिक शांति,🗣️ नगर परिषद अध्यक्ष का संदेश:"हमारा लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि 'नमो वन' जैसी हरित संरचनाओं को विकसित करना है जो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित वातावरण प्रदान करें। 'अमृत हरित महाभियान' के अंतर्गत यह कार्य शाहपुर की नई पहचान बनेगा।"
📸 हरियाली के साथ उम्मीदें भी पनपीं – नागरिकों की सहभागिता रही प्रेरणादायक
इस हरित महाअभियान की तस्वीरें नगर परिषद के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जा रही हैं, जिनमें बच्चों की मुस्कान, युवाओं की ऊर्जा और बुजुर्गों का आशीर्वाद – हर एक भाव में पर्यावरण के प्रति समर्पण झलकता है।
✅ निष्कर्ष: एक अभियान जिसने हर दिल को छुआ
"स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा", "नमो वन विकास अभियान" और "अमृत हरित महाभियान" के त्रिवेणी संगम ने शाहपुर में पर्यावरणीय जागरूकता और जनभागीदारी की मिसाल कायम की है। 3,636 पौधे केवल अंक नहीं हैं, बल्कि वे 3,636 नए जीवन हैं जो आने वाले समय में शाहपुर की हर सांस को स्वच्छ और समृद्ध बनाएंगे।
हर पौधा एक नई उम्मीद है,
नागरिक एक पर्यावरण प्रहरी है।
नमो वन से हरित राष्ट्र की ओर –
शाहपुर बना एक हरित प्रेरणा स्रोत।
Comments
Post a Comment