शिव महापुराण कथा में बताए दांपत्य और नारी सम्मान के आदर्श
शिव महापुराण कथा में बताए दांपत्य और नारी सम्मान के आदर्श
निमाड़ प्रहरी 9977766399
खंडवा। निमाड़ प्रहरी रामनगर में आयोजित शिव महापुराण कथा में वृंदावन से पधारे कथा वाचक श्री वनवारी भाई उपमन्यु जी महाराज ने
भगवान शिव एवं माता पार्वती के विवाह प्रसंग के माध्यम से दांपत्य जीवन के आदर्शों पर प्रकाश डाला। कथावाचक ने कहा कि शिव-पार्वती का विवाह मन, वाणी और कर्म से एक-दूसरे के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। दांपत्य जीवन में प्रेम, सौहार्द और विश्वास ही स्थायित्व लाते हैं।
नारी सम्मान से ही समाज का उत्थान
उन्होंने कहा कि शास्त्रों में नारी को देवी का स्थान दिया गया है। जहां नारी का सम्मान होता है,
वहां देवताओं का वास होता है। मां, बहन और पुत्री के रूप में नारी शक्ति का सम्मान समाज की जिम्मेदारी है।
मोबाइल संस्कृति से बिगड़ रहे संस्कार
कथावाचक ने वर्तमान समाज पर चिंता जताते हुए
कहा कि बच्चों के हाथों में मोबाइल आने से संस्कार प्रभावित हो रहे हैं, जिससे सामाजिक विकृतियां बढ़ रही हैं।
शिव महापुराण जीवन का मार्गदर्शक
उन्होंने कहा कि शिव महापुराण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देता है। इसके संदेशों को अपनाकर संस्कारित समाज का निर्माण संभव है।



Comments
Post a Comment