स्वर्गीय श्री कैलाश चंद्र जी झंवर
इतिहास के। पन्नों से....
पूण्य स्मरण....हमारे समाज की पहचान..हस्ताक्षर
(३० जनवरी)
स्वर्गीय श्री कैलाश चंद्र जी झंवर
(समाजसेवी, पत्रकार, पार्षद)
खण्डवा शहर ही नहीं अपितु पूर्व और पश्चिम निमाड़ की पत्रकारिता के आधार स्तंभ स्व.श्री कैलाश चंद्र जी झंवर की पुण्यतिथि आज ३० जनवरी को है।
निमाड़ प्रहरी 997776639.संपादक अल्केश झंवर इंदौर
सन् १९५५ में दैनिक स्वराज्य के प्रधान संपादक के रुप में आपने पत्रकारिता की जिम्मेदारी को ग्रहण किया और आप स्व.माखनलाल जी चतुर्वेदी और स्व.आगरकर जी का सानिध्य उस दौर में प्राप्त कर निमाड़ प्रेस क्लब के संस्थापक अध्यक्ष बने।
होल्कर साइंस कालेज, इंदौर से सन् १९५२ में स्नातक होने के पश्चात् एक वर्ष शिक्षण का कार्य किया किन्तु नियति जनसेवा के लिए निर्धारित थी अतः १९५६ में नगरपालिका खण्डवा में बुधवारा वार्ड के पार्षद मनोनीत किए गए और लेखन कार्य में रुचि रखने के कारण पत्रकारिता के क्षेत्र में पदार्पण किया।
दैनिक स्वराज्य के बंद होने के पश्चात् सन् १९६५ में नागपुर से प्रकाशित दैनिक नवभारत समाचार पत्र से सम्बद्ध हुए और जिला प्रतिनिधि बनकर खण्डवा की जनसमस्याओं को प्रिंट मीडिया के माध्यम से हल करवाया,,, नगरपालिका पार्षद के रुप में आपने ४ चुनाव लड़ें और चारों बार विजयी रहे...वर्ष १९६७ के चुनाव में कांग्रेस पार्टी की जिला कार्यकारिणी सभा गांधी भवन में तत्कालीन नगर अध्यक्ष से वैचारिक मतभेद के दौरान उन्होंने (स्व.श्री के .सी.झंवर जी) कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र दिया और तत्काल जनसंघ पार्टी से पार्षद का टिकट प्राप्त किया और चुनाव जीतकर यह साबित किया कि वार्ड में पार्टी नहीं वरन प्रत्याशी की छवि से चुनाव जीता जाता है।
वर्ष १९७६ में खण्डवा में आहूत हमारे समाज के प्रथम अधिवेशन के द्वितीय दिवस में संविधान को पारित करने हेतु आयोजित सत्र की अध्यक्षता और संचालन आपके द्वारा ही सम्पन्न हुआ था,सतत् १८ घंटे तक संविधान की विविध धाराओं का उल्लेख कर सदन से परामर्श, संशोधन और तर्क करने के उपरांत संविधान पारित किया गया।
पत्रकारिता में भी अपने सिद्धांतों से आपने कभी समझौता नहीं किया था,
एक संस्मरण जो कि स्व. श्री बनवारी लाल जी बजाज, पत्रकार (यूनीवार्ता) द्वारा बताया गया था उन्हीं के शब्दों में कि कैलाश भाई ने कैसे सन् १९६७ में संविद शासन के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री गोविंद नारायण सिंह को सर्किट हाउस में स्थानीय कलेक्टर द्वारा प्रायोजित पत्रकार वार्ता के लिए स्पष्ट मना कर दिया था क्योंकि सर्किट हाउस में प्रायोजित वार्ता के अवसर पर नाश्ता,चाय पानी प्रबंध से पत्रकारों को सरकारी प्रभाव से प्रभावित कर मनचाही वार्ता प्रायोजित करने का प्रयास था, जबकि पत्रकार गण श्री झंवर जी (अध्यक्ष,प्रेस क्लब) के निवास पर मुख्यमंत्री जी की वार्ता को आयोजित करना चाहते थे और अन्ततः मुख्यमंत्रीजी ने इस फैसले पर हामी भरी और स्व. श्री झंवर जी के निवास रामगंज में मुख्यमंत्री की पत्रकार वार्ता सम्पन्न हुई,
१ घंटे ३० मिनिट की वार्ता में लगभग ३७ प्रश्न पूछे गए क्योंकि संविद सरकार कांग्रेस के विधायकों को तोडकर राजमाता सिंधिया ने बनाई थी तो प्रदेश के भविष्य और भावी योजनाओं पर मुखर पत्रकारों ने स्व.गोविन्द नारायण सिंह से कई तीखे प्रश्न पूछे,,, ज्ञातव्य हो कि उस दौर में पत्रकार जन हित को ज्यादा तवज्जो देते थे एवं नवभारत समाचार पत्र प्रदेश ही नहीं वरन् मध्य भारत का सबसे ज्यादा पाठक संख्या वाला समाचार पत्र था।
निमाड़ प्रहरी .संपादक
Email -nimadprahari2012@gmail







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