मां वाघेश्वरी ग्रामोदय मेले में किसानों को उन्नत कपास उत्पादन का ज्ञान
बुरहानपुर मध्य प्रदेश
मां वाघेश्वरी ग्रामोदय मेले में किसानों को उन्नत कपास उत्पादन का ज्ञान
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बुरहानपुर। जिले के ग्राम धमनगांव में विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) के मार्गदर्शन में आयोजित मां वाघेश्वरी ग्रामोदय मेले
के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कृषि जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में पहुंचे
किसानों को कपास फसल के उत्पादन में नवीनतम तकनीकों, आधुनिक पद्धतियों तथा वर्तमान चुनौतियों के प्रभावी समाधान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़ाकर वैज्ञानिक एवं उन्नत खेती की दिशा में प्रेरित करना रहा, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो और उत्पादन क्षमता सुदृढ़ हो सके।
कार्यक्रम में वरिष्ठ वैज्ञानिक (साइमा कंपनी) मधुबाबू ने किसानों को लंबे रेशे वाली कपास की उन्नत एवं अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से
उच्च घनत्व रोपण पद्धति को अपनाने पर बल देते हुए बताया कि यदि एक एकड़ भूमि में लगभग 15,000 पौधों का रोपण किया जाए तथा प्रत्येक पौधे से 20 से 25 डोडे प्राप्त हों, तो किसान लगभग 15 क्विंटल प्रति एकड़ तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। इस पद्धति से उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार संभव है।
कार्यक्रम में हैदराबाद से आभासी माध्यम से जुड़े कपास अनुसंधान के विशेषज्ञ डॉ. वाई.जी. प्रसाद (पूर्व निदेशक, केंद्रीय कपास अनुसंधान केंद्र, नागपुर) ने किसानों को संबोधित करते हुए बीटी एवं नॉन-बीटी कपास किस्मों की विशेषताओं, उनके चयन की प्रक्रिया तथा उच्च घनत्व रोपण पद्धति के वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त किस्मों के चयन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने कपास फसल में पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संतुलित उर्वरक उपयोग, सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ति एवं मृदा परीक्षण के आधार पर खाद प्रबंधन अपनाने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। उन्होंने किसानों को नियमित प्रशिक्षण एवं वैज्ञानिक मार्गदर्शन से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रीमती अर्चना चिटनिस ने किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शासन किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहा है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं तथा कपास जैसी नगदी फसल की वैज्ञानिक पद्धति से खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाएं। उन्होंने ग्रामोदय मेले को ग्रामीण विकास, स्वरोजगार एवं कृषि उन्नति का सशक्त मंच बताया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को, अरुण पाटिल, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटील, जिला पंचायत में कृषि स्थाई समिति अध्यक्ष किशोर पाटिल, उपसंचालक कृषि मनोहर सिंह देवके, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संदीप सिंह एवं डॉ. कार्तिकेय सिंह, गुलचंद्रसिंह बर्ने एवं देवानंद पाटिल सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। मेले में किसानों ने विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन कर उन्नत बीज, आधुनिक कृषि उपकरण एवं जैविक उत्पादों की जानकारी भी प्राप्त की।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने इस प्रकार के आयोजनों को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की। यह ग्रामोदय मेला क्षेत्र के किसानों के लिए ज्ञानवर्धन एवं कृषि उन्नति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रहा है।
दिनांक 22 मार्च 2026
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