माहेश्वरी समाज केवल एक समाज नहीं, बल्कि संस्कारों, परंपराओं और आपसी भाईचारे की एक मजबूत पहचान है
माहेश्वरी समाज केवल एक समाज नहीं, बल्कि संस्कारों, परंपराओं और आपसी भाईचारे की एक मजबूत पहचान है
निमाड़ प्रहरी- 9977766399
अनिल बाहेती पूर्व संयुक्त मंत्री
पश्चिमांचल माहेश्वरी महासभा
खंडवा निमाड प्रहरी माहेश्वरी उत्पत्ति दिवस 23 जून जेठ की नवमी को आ रहा है मैं अपनों से अपनी बात करता हूं हमें इस त्यौहार को बहुत धूमधाम से उत्साहसे और आनंद मनाना चाहिए क्योंकि समाज के नाम पर तो हमें सिर्फ एक ही त्यौहार मनाते हैं
माहेश्वरी समाज केवल एक समाज नहीं, बल्कि संस्कारों, परंपराओं और आपसी भाईचारे की एक मजबूत पहचान है। यह त्यौहार सिर्फ खुशी मनाने के अवसर नहीं होत है बल्कि यह हमारी संस्कृति को जीवंत रखने और अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है
त्योहार मनाने का असली आनंद तभी आता है जब उसमें पूरे मन, पूरे उत्साह और पूरे समाज की भागीदारी हो।
घर की सजावट – रंगोली, दीप और फूलों से घर को सजाएं
पारंपरिक वेशभूषा – अपनी संस्कृति को गर्व से पहनें
धार्मिक कार्यक्रम –भगवान महेश की पूजा, भजन, आरती में भाग लें
सामूहिक आयोजन – समाज के साथ मिलकर कार्यक्रम करें
बड़ों का सम्मान – आशीर्वाद लें, बच्चों को संस्कार दे
उत्साह ही त्योहारों की आत्मा है। बिना उत्साह के त्योहार केवल एक दिन बनकर रह जाते हैं, लेकिन जब पूरे मन से मनाया जाए तो वही दिन यादगार बन जाता है।
“जहाँ उमंग हो दिल में, वही असली त्योहार है,
वरना कैलेंडर में तो हर दिन एक त्यौहार है।”
माहेश्वरी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता है। जब हम सब मिलकर त्योहार मनाते हैं, तो रिश्ते मजबूत होते हैं और समाज आगे बढ़ता है।
मिल-जुलकर आयोजन करें
हर परिवार को जोड़ें
जरूरतमंदों की सहायता करें
नई पीढ़ी को परंपराएं सिखाएं
“माहेश्वरी हैं हम, हमारी पहचान अलग है,
संस्कारों की विरासत, हमारी शान अलग है।”
“जहाँ समाज साथ हो, वहाँ हर दिन त्यौहार है,
माहेश्वरी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
“दीप से दीप जले, ऐसा उजाला करें,
माहेश्वरी समाज को और भी निराला करें।”
“हम साथ चलें तो राहें आसान हो जाती हैं,
माहेश्वरी एकता से पहचान बन जाती है।”
त्योहार सिर्फ मनाने की चीज नहीं, बल्कि जीने का तरीका है। माहेश्वरी समाज अगर पूरे उत्साह, प्रेम और एकता के साथ हर त्योहार मनाए, तो न केवल हमारी परंपरा मजबूत होगी, बल्कि समाज भी नई ऊंचाइयों को छुएगा। पुनः एक बार निवेदन है
वर्ष भर में हम समाज के नाम पर सिर्फ एक त्यौहार मनाते हैं हम इसको जितना अच्छा मना सके मनाना चाहिए यह हमारी पहचान है यह हमारे इष्ट देव का कार्यक्रम है
अनिल बाहेती पूर्व संयुक्त मंत्री
पश्चिमांचल माहेश्वरी महासभा




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