पुरानी रूढ़िवादी प्रथाओं मैं सुधार की दरकार---वीरेंद्र टुवानी
पुरानी रूढ़िवादी प्रथाओं मैं सुधार की दरकार---वीरेंद्र टुवानी
व्यक्तिगत सुधार --समाज मे मृत्यु के उपरांत अंतिम यात्रा से पूर्व
निमाड़ प्रहरी- 9977766399
E-mail nimadprahari2012@gmail
इछावर निमाड़ प्रहरी- समाज मे मृत्यु के उपरांत अंतिम यात्रा से पूर्व शव पर शाल और साड़ी चढाए जाते है। क्ई बार यह शाले या साड़ी 8 - 10 से अधिक हो जाती है। यह शाल शमशान भूमी मे निकाल कर फेक देते है या जला देते हे।
पहले गरीब लोग यह शाल, साड़ी ले जाते थे। किंतू आज कल देखा जाता है कि यह शाले या साड़ी वहीं पर पडी रहती है इसे कोई उपयोग मे नही लेते है।
मुझे ऐसा लगता है कि पुरुष को ससुराल की एक शाल, और स्त्री हो तो मायके का एक साडी या शाल चढ़ावे,
इसके अलावा अन्य कोई रिश्तेदार शाल या साड़ी नही ओढावे। सिर्फ फुलमाला चढावे। समाज मे सुधार हेतू यह सुझाव अच्छा लगे तो अपनाए
यह निवेदन है :----
वीरेंद्र टुवानी एडवोकेट इछावर


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