फाग के रंग, कविता के संग

 फाग के रंगकविता के संग


निमाड़ प्रहरी 9977766399

बुरहानपुर: वनमाली सृजन केंद्र बुरहानपुर द्वारा होली के अवसर पर अखिल भारतीय ऑनलाइन काव्य निशा का आयोजन 22 मार्च शुक्रवार की शाम को किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रकाश खैरनार द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ।


   मंडला से शामिल प्रो. शरद नारायण खरे ने-" होली के रंग भाने लगे आज तोगीत प्रणय के गाने लगे आज तो" प्रस्तुत किया।

बरेली से जुड़े महेश प्रसाद शर्मा द्वारा-" सुखदाई होली आईरंग बसंती लाई" गीत के माध्यम से होली के विविध रंगों से परिचित कराया गया। कथाकार संतोष परिहार ने कविता-" फाग की बेला हैरंगों का मेला है" के माध्यम से होली के विविध रंगों से अवगत कराया गया। होली के रंगों में राधा कृष्ण गोपीयां संग रास लीला की बात ना हो तो फिर फाग कैसा संदीप शर्मा निर्मल द्वारा-" होली की ठिठोली गोपी कान्हा से बोल रहीरंग रंगने कोराधा मिलन को बोल रही है"  गीत के माध्यम से कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां प्रदान की गई। कवित्री सुनंदा गावंडे द्वारा-" रंगीली होली आईसंग अपने रंग लाईएवं प्रेमलता सांक्ले के द्वारा-" इंद्रधनुष धरा पर उतरा होली में " कविता का पाठ किया गया।

   प्रकाश खैरनार ने- "तिरंगा हैआन बान शान" गीत प्रस्तुत कर राष्ट्र के गौरवमय रंगों से परिचित कराया। विजय गावंडे ने विश्व गौरैया दिवस पर लिखी कविता " छत पर परिंदों के लिए रखोएक मुट्ठी दानाएक लोटा पानी" प्रस्तुत कर पक्षियों के लिए संदेश दिया। भोपाल से जुड़े सुनील सेन "सफल" एवं अर्चना फूट द्वारा समसामयिक विषयों पर काव्य पाठ किया गया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता वनमाली सृजन पीठ खंडवा उपाध्यक्ष गोविंद शर्मा द्वारा की गयी। अपने अध्यक्षीय उद्बबोधन में गोविंद शर्मा ने कहा-" ब्रजबरसानागोपीराधाकृष्णभक्तिकालपद्माकर और काव्य रंगों के बिना होली के रंग अधूरे लगते हैं। आज की रंग भरी काव्य गोष्ठी में होली के सभी रंग समावेशित हुए हैं।" गोविंद शर्मा द्वारा- "इत से आयोचंद्र राधिका उत से आयो कन्हाईहोली आई " एवं दोहे प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन कवियत्री सुनंदा गावंडे ने किया। कार्यक्रम में जुड़े कवियों एवं काव्य प्रेमियों का आभार संतोष परिहार ने माना।

Comments

Popular posts from this blog

पार्थ गुप्ता संग पूजा, गुप्ता की,सगाई बहुत बहुत बधाई

चि,चेतन, झवर आष्टा संग शिवानी,पीपल रावा सगाई

श्रीकृष्णलाल वेडूलाल मनिहार माहेश्वरी का निधन