दूध के बढ़ते दामों के बीच शुद्धता गायब
दूध के बढ़ते दामों के बीच शुद्धता गायब, उपभोक्ता अधिकार संगठन ने की जिले के सभी दूध डेरीयो पर उच्च स्तर जांच करने की मांग
निमाड़ प्रहरी 9977766399
बुरहानपुर:- एक तरफ जहां दूध के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दूध की शुद्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बाजार में दूध के पाउच, डिब्बे और बोतलें खुलेआम बिक रही हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को पूरे पैसे देने के बाद भी शुद्ध दूध नहीं मिल पा रहा है। उपभोक्ता अधिकार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार तिवारी के निर्देश पर जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष प्रीतम महाजन ने इस विषय पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शासन और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपील की है।
"पैसे पूरे, फिर दूध में मिलावट क्यों?"
प्रीतम महाजन ने कहा कि पशुपालक शुद्ध दूध निकालकर डेयरी तक पहुंचाते हैं। इसके बाद डेयरी स्तर पर दूध में पानी मिलाना, गाढ़ापन बढ़ाना या अन्य मिलावट करना बेहद चिंताजनक है। उपभोक्ता जब पूरे दाम चुका रहा है, तो उसे शुद्ध दूध मिलना उसका मौलिक अधिकार है। वर्तमान स्थिति में उपभोक्ता दूध खरीदने के साथ-साथ बीमारियों का खतरा भी मोल ले रहा है।
बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा
सुबह की शुरुआत दूध से होती है और हर परिवार में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक दूध का सेवन सर्वाधिक होता है। मिलावटी और असुरक्षित दूध के उपयोग से कई तरह की गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग और उच्च अधिकारियों को मौन रहने के बजाय जमीनी स्तर पर सख्त कदम उठाने चाहिए।
संगठन की प्रमुख मांगें:
उच्च स्तरीय जांच:उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिले की डेयरियों, पैकेजिंग इकाइयों और सप्लाई चेन की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
क्वालिटी टेस्ट: खुले में बिक रहे पाउच, डिब्बों और बोतलों के सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे जाएं।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई: मिलावटखोरी में शामिल डेयरियों और विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाऐ
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